आधुनिक युग

 पानी की कीमत पूछो

जब हरा खेत भी झाड़ लगे

पूछो हवा की कीमत भी

बिना हवा जीवन बेकार लगे

पूंजीवादी चाहत है

गांव अब बेकार लगे

बड़ी बड़ी मंजिलों की चाहत 

छोटा घर बकवास लगे

Filter बिन इंसान अधूरा

रूखा सा संसार लगे

दो नंबर का पैसा चांहवे 

मेहनत का बेकार लगे

इंसानो ने ईमान बेच दिए 

पैसा सबका बाप लगे 

Rahul Prajapati 

P. G. D. A. V. College university of Delhi 

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